रामनगर।कार्बेट टाइगर रिजर्व में प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक घूमने आते है। कार्बेट टाइगर रिजर्व का प्रसिद्ध जोन ढिकाला पर्यटन जोन दूरस्थ एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से 31 किमी0 दूर कोर वन क्षेत्र में स्थित है। ऐसे दूरस्थ पर्यटन जोन में पर्यटकों एवं वन कार्मिकों के लिए आकस्मिकता के मध्य मेडिकल सुविधाओं की अति आवश्यकता रहती है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढिकाला क्षेत्र में वर्ष 2008 तक डिस्पेंसरी का संचालन किया जाता था। वर्ष 2008 के बाद किन्ही कारणवश ढिकाला क्षेत्र में डिस्पेंसरी का संचालन बंद कर दिया था।कार्बेट डायरेक्टर डॉ० साकेत बडोला के द्वारा क्षेत्र की आवश्यकताओं, बढ़ते पर्यटन और फील्ड स्टाफ की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्रुप ऑफ हास्पिटल्स के सहयोग से डिस्पेंसरी को पुनः संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया है। डिस्पेंसरी का उद्घाटन कार्बेट डायरेक्टर डॉ० साकेत बडोला के द्वारा किया गया।उन्होंने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व में प्रतिवर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक घूमने आते है। आपातकालीन स्थिति या सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की स्थिति में उन्हे प्राथमिक उपचार तुरन्त उपलब्ध हो सकेगा।कार्बेट टाइगर रिजर्व के अन्दरूनी क्षेत्रों में स्थित फील्ड स्टाफ को आवश्यक प्राथमिक चिकित्सकीय सुविधा निकट में ही उपलब्ध होगी।मानव वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में भी शीघ्र प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सा सहयोग उपलब्ध कराया जा सकेगा।क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होने से सुरक्षा, कुशलता एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार होगा।कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढिकाला क्षेत्र में डिस्पेंसरी के संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ चिकित्सा सामाग्री, प्राथमिक उपचार किट और अन्य आवश्यक संसाधन पूर्ण कर लिये गये है। कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन का लक्ष्य है कि यह सुविधा पर्यटकों एवं कर्मचारियों दोनो के लिए स्वास्थ्य-सुरक्षा के लिए एक विश्वसनीय और सुलभ केन्द्र सिद्ध हो। इस अवसर पर कार्बेट के डिप्टी डायरेक्टर राहुल मिश्रा,रेंजर उमेश चन्द्र आर्या, यथार्थ ग्रुप ऑफ हास्पिटल्स के प्रतिनिधि प्रकाश श्रीवास्तव, वन दरोगा विनोद बिष्ट आदि मौजूद रहें।








