रामनगर। पीपीपी मोड से हटने के बाद पहले बार रामनगर सरकारी अस्पताल में नाभी के बराबर में हर्निया का सफल ऑपरेशन किया गया है। इससे पहले स्टॉफ व डॉक्टरों की कमी की वजह से मरीजों को रेफर किया जाता था। मंगलवार को सीनियर एनस्थेटिस्ट डॉ. संदीप पांगती ने बताया कि कई सालों तक रामनगर अस्पताल पीपीपी मोड पर चलता आ रहा था। दो माह पहले सरकार ने खुद चलाने का निर्णय लिया। बताया कि पूर्ण स्टाफ व डॉक्टर नहीं होने से एक भी ऑपरेशन नहीं हुए। मरीज आते थे, लेकिन ऑपरेशन नहीं होते थे। उन्होंने बताया कि ग्राम सुन्दरखाल निवासी 21 वर्षीय महिला हेमा का हर्निया का ऑपरेशन किया गया। बताया कि महिला के हर्निया नाभी के पास हो गया था। पहला बच्चा महिला का ऑपरेशन से हुआ था। दूसरा बच्चा होने में दिक्कतें आ सकती थी। बताया कि उनके नेतृत्व में सर्जन डॉ. आकांक्षा बनकोटी, डॉ. रंजना डोबरियाल, स्टाफ नंदी आर्या, मोनू आर्या व ओटी असिस्टेंट हेमचंद्र खुल्बे ने जटिल ऑपरेशन को सफलता पूर्ण किया। उन्होंने अन्य मरीजों से भी ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर सरकारी अस्पताल की सेवाएं लेने की अपील की है। बताया कि आयुष्मान में निशुल्क विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन होंगे।








