(डॉ. जफर सैफी/सम्पादक)
रामनगर। आँखे दिमाग़ की खिड़की व चेहरा दिमाग़ का आइना होता है इसलिए एक सफल चिकित्सक को उपचार से पहले रोगी की मानसिक स्थिति का पता लगाना जरूरी होता है। उक्त विचार मुरादाबाद के डीएमआर हॉस्पिटल के सुप्रसिद्ध न्यूरोलोजिस्ट डॉ. मंजेश राठी (एमबीबीएस, एमडी, डीएम न्यूरो) ने व्यक्त करते हुये कहा कि एक योग्य चिकित्सक को रोगी का उपचार उसकी टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर नहीं करके रोगी के लक्षणो के आधार पर करना चाहिए। ग्राम सावलदे के एक रिसोर्ट मे गतरात्रि सम्पन्न हुयी सीएमई मे डॉ. राठी बच्चों व बड़ो की मानसिक बीमारियों के संदर्भ मे स्लाइड शो के जरिये विस्तार से समझाया। इससे पूर्व कार्यक्रम मे पहुंचने पर क्षेत्र के सभी चिकित्सको के द्वारा डॉ राठी का बुके देकर स्वागत किया गया।इस मोके पर डीएमआर हॉस्पिटल टीम के डॉ. रत्नेश शर्मा, रवि भटनागर, अतुल विश्नोई, राजकुमार शर्मा, जीशान आदि सहित रामनगर, काशीपुर के बड़ी संख्या मे चिकित्सक मौजूद रहे।
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