(मो.ज़फर सैफ़ी/सम्पादक)
रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद में कार्यरत उत्तराखंड एजुकेशनल अधिकारी प्रशासनिक संवर्ग एसोसिएशन, राजकीय शिक्षक संघ, एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन,लेखा संवर्ग व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के सभी पदाधिकारी शिक्षा बोर्ड कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। कहा कि 21 फरवरी को विधायक उमेश शर्मा कारू व उनके साथ आए बड़े समूह ने ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में पर्यादाओं का घोर उल्लघंन किया। आरोप लगाया गया कि समूह में हिस्ट्रीशीटर तक का बुलाया गया। वहां के कर्मचारियों के साथ अभद्रता के साथ ही गाली गलौच कर आरोपियों ने निदेशक के साथ मारपीट की। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि घटना बेहद ही गंभीर है। निदेशक को उनके दफ्तर में घुस कर पीटा गया। इससे शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सुरक्षा भी खतरे में है। विरोध में बोर्ड कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर नारेबााजी की गई। साथ ही आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर सीएम को संबोधित ज्ञापन शिक्षा बोर्ड सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के नेतृत्व में एसडीएम को सौंपा गया। उन्होंने नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सरकार की ओर से एसओपी जाारी करने, सरकारी कार्यालयों में पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिस बल तैनात करने की मांग की। बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने बताया कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शांतिपूर्वक चल रही है। दफ्तर के कर्मचारियों ने ही कार्यबहिष्कार किया है। साथ ही कार्रवाई नहीं हुई तो बोर्ड परीक्षा में तैनात काार्मिक अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करेंगे। ड्यूटी के बाद ही धरना स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। इस मौके पर अपर सचिव बृज मोहन रावत, संयुक्त सचिव सीपी रतूड़ी, शाखा अध्यक्ष दरपान सिंह रौतेला, भूपेंद्र सिंह, हेमंत सिंह मर्तोलिया, संजय सिंह चौधरी, एनसी घिल्डियाल, दिनेश चंद्र जोशी, गंगा प्रसाद उनियाल, सुरेंद्र सिंह, वीरेंद्र पांडे, रचना रानी, संध्या शर्मा, रजनी जोशी, नंदी तिवारी, संदीप बिष्ट, सुनील कुमार मनमोहन सिंह आदि मौजूद रहे।







